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ब्रिक्स वॉल कैफे: २० प्रकार की कॉफी, इटैलियन और टर्किश फूड देने वाला आकर्षण

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लॉकडाउन में कई लोगों के व्यवसाय और नौकरियां ठप हो गईं| इसी दौरान नासिक के गौरव व्यवहारे ने घर पर ही अपनी बेकरी शुरू की और केक बनाए| खास बात यह है कि उन्होंने यूट्यूब और सोशल मीडिया पर देखकर कई बेकरी उत्पाद बनाना सीखा| लोग उनके प्रोडक्ट्स की तारीफ करने लगे| उन्हें मिली प्रतिक्रिया इतनी उत्साहजनक थी कि दो साल के भीतर ही उन्होंने नासिक शहर में गंगापुर रोड पर ब्रिक वॉल बिस्ट्रो नामक एक विशाल कैफे खोला| यहां उपलब्ध २० से अधिक प्रकार की कॉफी की बदौलत, यह कुछ ही समय में युवाओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया|

लॉकडाउन के दौरान बेकरी उत्पादों में महारत हासिल करके सोशल मीडिया पर बिक्री शुरू की
मुंबई में फिल्मों और डॉक्युमेंट्रीज़ के निर्देशक के रूप में काम करने वाले गौरव को शुरू से ही विभिन्न व्यंजन पकाने का शौक था| लॉकडाउन के दौरान उन्हें मुंबई से नासिक अपने घर आना पड़ा| चूंकि इस दौरान वह कहीं जा नहीं सकते थे, इसलिए उन्होंने अपने शौक को पूरा करने का फैसला किया| उन्होंने घर पर तरह-तरह के व्यंजन बनाने शुरू कर दिए| उन्होंने यूट्यूब और रेसिपी बुक्स के ज़रिए घर पर ही बेकरी प्रोडक्ट्स और केक बनाना शुरू किया| शुरुआत में कुछ व्यंजन बनाते समय गलतियां भी हुईं| लेकिन उन्होंने हिम्मत न हारते हुए लगातार प्रयास जारी रखे और सफलतापूर्वक निर्धारित व्यंजन बनाये| इन व्यंजनों को मिली प्रतिक्रिया के कारण, उन्होंने कुछ ही समय में बेकरी प्रोडक्ट्स, विशेषकर केक बनाने में महारत हासिल कर ली| उन्होंने सोशल मीडिया का उपयोग करके केक, पेस्ट्री, पफ सहित विभिन्न बेकरी उत्पाद बेचना शुरू किया| लॉकडाउन के कारण शुरुआत में उन्होंने ग्राहकों को फ्री होम डिलीवरी के ज़रिए अपने उत्पाद उपलब्ध कराए| उत्पादों की गुणवत्ता और फ्री होम डिलीवरी के कारण कम समय में ही कई ग्राहक उनसे जुड़ गए|

चूंकि उनके बनाए उत्पादों का स्वाद और गुणवत्ता बहुत अच्छी थी, इसलिए उनके परिवार ने भी उनके व्यवसाय में उनका साथ दिया| यह उनके लिए होटल क्षेत्र में प्रवेश करने का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ| उनके द्वारा बनाये गये केक के स्वाद के लिए उन्हें ग्राहकों की बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली| उसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपने व्यवसाय का विस्तार करने की योजना बनाई| उन्होंने घर पर एक बड़ा अवन खरीदा| उन्होंने घर से ही रोज़ाना ५ से १० हज़ार रुपये के ऑर्डर डिलीवर करना शुरू कर दिया| ग्राहकों से मिले रिस्पॉन्स और उससे होने वाली आय को देखते हुए उन्होंने अपने शौक को व्यवसाय में बदलने का फैसला किया|

गंगापुर रोड पर ब्रिक्स वॉल कैफे स्थापित करके केक, कॉफी के साथ इंडियन, चायनीज़, इटैलियन और टर्किश फूड उपलब्ध कराया
बेकरी उत्पाद बेचने के साथ-साथ उन्होंने अपना होटल शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाना शुरू कर दिया| कोरोना खत्म होने के बाद उन्होंने कॉलेज परिसर में किराए पर एक दुकान लेकर कैफे शुरू किया| वे यहां बेकरी प्रोडक्ट्स और केक के साथ-साथ विभिन्न प्रकार की कॉफी भी बेचने लगे| विभिन्न खाद्य पदार्थों और केक के साथ-साथ उनकी कॉफी को भी युवाओं से अच्छी प्रतिक्रिया मिलने लगी| खास बात यह है कि सभी व्यंजन और कॉफी बनाने पर गौरव खुद ही ध्यान देते थे| व्यवसाय बढ़ाने के लिए उन्हें अपने भाई वैभव व्यवहारे का भी साथ मिला, इसलिए कम समय में ही यह कैफे सबका पसंदीदा बन गया| दिन-प्रतिदिन ग्राहकों से मिल रही प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने गंगापुर रोड क्षेत्र में ८०० वर्ग मीटर की किराए की जगह में ब्रिक्स वॉल कैफे स्थापित करने का निर्णय लिया| उसमें उन्होंने केक, कॉफी के साथ-साथ इंडियन, चायनीज़, इटैलियन और टर्किश फूड भी उपलब्ध कराया है| इस कैफे के ज़रिए वे प्रति माह ५ से ६ लाख रुपये का वित्तीय कारोबार करते हैं|

वियतनामी, एक्सप्रेस टॉनिक, शेकर, कोल्ड ब्रू, अलावगेटा जैसे कॉफी के विभिन्न फ्लेवर्स युवाओं को आकर्षित करते हैं - कॉफी २५० रुपये से शुरू होती है
ब्रिक वॉल कैफे का विशेष आकर्षण है यहां उपलब्ध विभिन्न प्रकार की कॉफी| यहां कोल्ड कॉफी, वियतनामी, एक्सप्रेस टॉनिक, शेकर, कोल्ड ब्रू, अलावगेटा जैसी २० अलग-अलग तरह की कॉफी उपलब्ध हैं, जो युवाओं के लिए खास आकर्षण बन गया है| इसके लिए आवश्यक कॉफी बीन्स विशेष रूप से केरल से लाए जाते हैं| एक ही छत के नीचे उपलब्ध कॉफी के विभिन्न फ्लेवर्स के कारण इस कैफे ने अपनी एक अलग पहचान बना ली है|

चाहे वह होटल, रेस्टोरेंट या कैफे हो, वहां मिलने वाले व्यंजन और पेय पदार्थों की गुणवत्ता महत्वपूर्ण होती है| इसे सफल व्यवसाय का मंत्र मानते हुए गौरव और वैभव ने गुणवत्ता पर ज़्यादा ध्यान केंद्रित किया है| यही कारण है कि यहां आने वाले ग्राहकों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है|

इस कैफे के माध्यम से १० कर्मचारियों को पूर्णकालिक काम मिला है
इस कैफे के माध्यम से १० कर्मचारियों को पूर्णकालिक काम मिला है| उन्होंने भविष्य में एक और कैफे खोलने के लिए विस्तार योजना भी बनानी शुरू कर दी है|

इस कैफे में मिलने वाली कॉफी के साथ-साथ कई तरह के व्यंजन युवाओं के बीच बहुत लोकप्रिय हैं| रील्स और सोशल मीडिया के ज़रिए इस कैफे की प्रसिद्धी फैल रही है|

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नयना जैन
jainsnaina@gmail.com